Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बचà¥â€à¤šà¥‡ के शरीर पर लाल निशान का कारण कहीं ये तो नहीं
मौसम बदलने के साथ ही कई तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ सकता है। इनà¥â€à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ संबंधी विकार। अकसर बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर पर दिखने वाले लाल निशान मौसमी बदलाव में हà¥à¤ˆ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ के कारण à¤à¥€ हो सकते हैं। इसके अलावा और à¤à¥€ कà¥à¤› आदतें à¤à¤¸à¥€ हैं, जिनके कारण शरीर पर पड़ने वाले ये लाल निशान बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की सेहत को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं।
लाल निशान के कारण
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के शरीर पर जब लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ या लाल निशान दिखाई दें तो इसका à¤à¤• कारण à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है। इस वजह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° आंखों के आस-पास और कोहनी व घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल निशान पड़ जाते हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ किसी जानवर या अनà¥à¤¯ किसी चीज को छू लेने की वजह से होती है।
कà¥à¤› बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को फूलों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती है। बरसात के मौसम में फूलों का à¤à¥€ बडिंग सीजन होता है, जिससे उनमें पराग कण अधिक बनने और हवा में उड़ने लगते हैं। बचà¥â€à¤šà¥‡ जब इन फूलों के पास जाते हैं, तो उससे उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो जाती है, जिस वजह से उनके शरीर पर लाल निशान या मोटे गोल दाने पड़ जाते हैं।
अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‡ खेलकूद के बाद साफ-सफाई का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤¯à¤¾à¤² नहीं रख पाते। जिस वजह से मिटà¥à¤Ÿà¥€ या खेल के मैदान में मौजूद कीटाणà¥à¤“ं से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इंफैकà¥à¤¶à¤¨ हो जाता है। जिसके चलते उनकी सà¥à¤•िन पर गहरे लाल निशान और खà¥à¤œà¤²à¥€ होने लगती है।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ सà¥à¤•िन पर दिखने वाले ये लाल निशान गरà¥à¤® सरà¥à¤¦ होने के कारण à¤à¥€ हो जाता है। इसके लिठपाचन तंतà¥à¤° की गड़बड़ी और खून में गरà¥à¤®à¥€ बॠजाना à¤à¥€ à¤à¤• कारण हो सकता है। तेल, मिरà¥à¤š, बाजार में बिकने वाले फ़ासà¥à¤Ÿ फ़ूड, व चाइनीज़ खाना खाने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इस रोग के होने का खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है।
वातावरण में उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कई तरह के à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ कारक à¤à¥€ इसके कारण होते हैं।संयोग विरà¥à¤¦à¥à¤§ काम जैसे गरà¥à¤®à¥€ से आने के बाद ठंडा पानी पीना, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क या आइस कà¥à¤°à¥€à¤® खाना।
यह निशान पà¥à¤°à¤•ृति विरà¥à¤¦à¥à¤§ आहार जैसे दूध के साथ नमक का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—, दही के साथ मछली , सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क तथा कफ़ वरà¥à¤§à¤• पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन और à¤à¤‚टीबायोटिक दवा का दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होने से à¤à¥€ हो सकते हैं।
इसके अलावा, बचà¥à¤šà¥‡ जब खेल के आते हैं उसके बाद सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करने से गरà¥à¤® सरà¥à¤¦ हो जाता है जिसकी लकà¥à¤·à¤£ के रूप में सà¥à¤•िन पर यह लाल निशान या छोटे दाने नजर आने लगते हैं।
कà¤à¥€- कà¤à¥€ किसी दवा के रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ कर जाने से à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की सà¥à¤•िन पर रेशेस , à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और चकतà¥â€à¤¤à¥‡ दिखाई देने लगते हैं। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¥â€à¤¿à¤¾à¤¤à¤¿ में वह दवा फौरन बंद कर देनी चाहिठऔर डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में घमौरी होना, उनके बालों में रूसी होना, उनके कपड़ों के रंग उतरने से, कपड़ों के गीलेपन से, कपड़ों में निकले हà¥à¤ रोà¤à¤‚ की वजह से à¤à¥€ इस तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾ सामने आ सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यदि सà¥à¤•िन रैशेस दिखाई पड़ें, तो उस पर ओलिव आयल या नारियल का तेल लगाने से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤°à¤‚त आराम मिलेगा और जलन और खà¥à¤œà¤²à¥€ में à¤à¥€ आराम मिलेगा।
इसके अलावा विटामिन ई आयल में कॉरà¥à¤¡ लिवर आयल मिलाकर रैशेस पर लगाà¤à¤‚ और रात à¤à¤° छोड़ दे ,सà¥à¤¬à¤¹ तक रैशेस ख़तà¥à¤® हो जायेंगे।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‡ के लेप में लहसà¥à¤¨ , नमक, काली मिरà¥à¤š तथा ओलिव आयल मिलाकर लगाà¤à¤‚। इसके आलावा , à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š विनेगर में शहद डालकर à¤à¤• गिलास पानी में मिलाकर सà¥à¤•िन पर लगाने से राहत मिलती है।
अगर किसी दवा से रिà¤à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ के कारण रैशेस हà¥à¤ हैं तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
| --------------------------- | --------------------------- |